1 कुरि 6:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 दरअस्ल तुम में बड़ा नुक़्श यह है के तुम आपस की मुक़द्दमे-बाज़ी में मश्ग़ूल हो। तुम ज़ुल्म उठाना क्यूं नहीं बेहतर जानते? अपना नुक़्सान क्यूं नहीं क़बूल करते? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 लेकिन दर'असल तुम में बड़ा नुक़्स ये है कि आपस में मुक़द्दमा बाज़ी करते हो; ज़ुल्म उठाना क्यूँ नहीं बेहतर जानते? अपना नुक़्सान क्यूँ नहीं क़ुबूल करते? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 अव्वल तो आपसे यह ग़लती हुई कि आप एक दूसरे से मुक़दमाबाज़ी करते हैं। अगर कोई आपसे नाइनसाफ़ी कर रहा हो तो क्या बेहतर नहीं कि आप उसे ऐसा करने दें? और अगर कोई आपको ठग रहा हो तो क्या यह बेहतर नहीं कि आप उसे ठगने दें? Viz kapitola |