1 कुरि 5:11 - उर्दू हमअस्र तरजुमा11 अब यह लिखता हूं के अगर कोई भाई या बहन कहलाता है और फिर भी हरामकार, लालची, बुत-परस्त, गाली देने वाला, शराबी या ठग हो तो उस से महब्बत न रखना बल्के ऐसे के साथ खाना तक न खाना। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 यहाँ तक कि सुनने में आया है कि तुम में हरामकारी होती है बल्कि ऐसी हरामकारी जो ग़ैर क़ौमों में भी नहीं होती:चुनाँचे तुम में से एक शख़्स अपने बाप की बीवी को रखता है। लेकिन मैने तुम को दर हक़ीक़त ये लिखा था कि अगर कोई भाई कहलाकर हरामकार या लालची या बुतपरस्त या गाली देने वाला शराबी या ज़ालिम हो तो उस से सुहबत न रखो; बल्कि ऐसे के साथ खाना तक न खाना। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस11 नहीं, मेरा मतलब यह था कि आप ऐसे शख़्स से ताल्लुक़ न रखें जो मसीह में तो भाई कहलाता है मगर है वह ज़िनाकार या लालची या बुतपरस्त या गाली-गलोच करनेवाला या शराबी या लुटेरा। ऐसे शख़्स के साथ खाना तक भी न खाएँ। Viz kapitola |