1 कुरि 2:11 - उर्दू हमअस्र तरजुमा11 कौन शख़्स किसी दूसरे के दिल की बातें जान सकता है सिवाए उस की अपनी रूह के जो उस के अन्दर है? इसी तरह ख़ुदा के पाक रूह के सिवा कोई दिल की बातें नहीं जान सकता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 क्यूँकि इंसान ों में से कौन किसी इंसान की बातें जानता है सिवा इंसान की अपनी रूह के जो उस में है? उसी तरह ख़ुदा के रूह के सिवा कोई ख़ुदा की बातें नहीं जानता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस11 इनसान के बातिन से कौन वाक़िफ़ है सिवाए इनसान की रूह के जो उसके अंदर है? इसी तरह अल्लाह से ताल्लुक़ रखनेवाली बातों को कोई नहीं जानता सिवाए अल्लाह के रूह के। Viz kapitola |