1 कुरि 14:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 अगर बांसुरी या बरबत ऐसे बेजान साज़ों को बजाते वक़्त उन के सुर साफ़-साफ़ न निकलें तो जो राग बजाया जा रहा है उसे कौन पहचान सकेगा? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 चुनाँचे बे'जान चीज़ों में से भी जिन से आवाज़ निकलती है, मसलन बाँसुरी या बरबत अगर उनकी आवाज़ों में फ़र्क़ न हो तो जो फूँका या बजाए जाता है वो क्यूँकर पहचाना जाए? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 बेजान साज़ों पर ग़ौर करने से भी यही बात सामने आती है। अगर बाँसरी या सरोद को किसी ख़ास सुर के मुताबिक़ न बजाया जाए तो फिर सुननेवाले किस तरह पहचान सकेंगे कि इन पर क्या क्या पेश किया जा रहा है? Viz kapitola |