1 कुरि 14:2 - उर्दू हमअस्र तरजुमा2 इस की वजह यह है के जो किसी अजनबी ज़बान में कलाम करता है वह इन्सान से नहीं बल्के ख़ुदा से हम कलाम होता है क्यूंके उस की बात कोई नहीं समझता; वह पाक रूह की क़ुदरत से राज़ की बातें करता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 क्यूँकि जो बेगाना ज़बान में बातें करता है वो आदमियों से बातें नहीं करता, बल्कि ख़ुदा से; इस लिए कि उसकी कोई नहीं समझता, हालाँकि वो अपनी पाक रूह के वसीले से राज़ की बातें करता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 ग़ैरज़बान बोलनेवाला लोगों से नहीं बल्कि अल्लाह से बात करता है। कोई उस की बात नहीं समझता क्योंकि वह रूह में भेद की बातें करता है। Viz kapitola |