1 कुरि 10:23 - उर्दू हमअस्र तरजुमा23 “हर चीज़ के जायज़ होने का यह मतलब नहीं, हर चीज़ मुफ़ीद है। हर चीज़ जायज़ हो तो भी वह तरक़्क़ी का बाइस नहीं होती।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 सब चीज़ें जाएज़ तो हैं, मगर सब चीज़ें मुफ़ीद नहीं; जाएज़ तो हैं मगर तरक़्क़ी का ज़रिया नहीं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस23 सब कुछ रवा तो है, लेकिन सब कुछ मुफ़ीद नहीं। सब कुछ जायज़ तो है, लेकिन सब कुछ हमारी तामीरो-तरक़्क़ी का बाइस नहीं होता। Viz kapitola |