2 मैं उन सबई के नाम जौ चिट्ठी लिख रओ हौं, जो रोम मै परमेसर के पियारे हैं और जो पबित्तर होनै के ताँई बुलाए गए हैं, हमरे पिता परमेसर और परभु ईसु मसी की ओर सै तुमकै किरपा और सान्ति मिलती रैह।