45 पर बौ बहाँ सै बिदा होकै चारौ लंग खुल कै जाकी चरचा करल लगो। इस्सै ईसु के ताँई खुले रूप सै सैहरौं मै जानो मुसकल हो गओ, इसताँई बौ एकान्त जघौं मै रैहओ, फिर बी लोग चारौ ओर सै बाके धौंरे आवै हे।