5 हे मेरे पियारे दोस्त, तू बिसवासी भईयौ के अच्छे के ताँई भौत कुछ करै है; जबकि बे तेरे ताँई अनजान हे पर तब्बी तैनै पूरी ईमानदारी सै उनकी सायता करी।