5 बे तुमरे ताँई हैं, और तुमरे बिसवास की बजै सै परमेसर नै अपनी सकति सै बा मुक्ति के ताँई तुमकै समार कै रक्खो है, जो बखत के आखरी मै परकट होनै बारी है।