17 और अगर तुम, हर एक के करमौ के हिसाब सै बिना भेदभाब के नियाय कन्नै बारे परमेसर कै, हे अब्बा, कैह कै बुलाबौ हौ, तौ तुमकै अपनी जिन्दगी परदेसी के हाँई डरते भए काटनी चँईऐ।