रोमियों 5:7 - राना थारु नयाँ नियम7 एक धर्मी आदमीके ताहीं मरन मुस्किल हए। सायद हुइ सकत हए, कि कोइ नेहात्तओकमे कोइ अच्छो आदमीनके ताहीं मरनके तयार हुइजए हए। Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन7 अगर कोई इंसान धर्मी के ताहीं मरै; जौ अनहोनो है। और कोई अच्छे इंसान ताहीं ऐसियौ तौ होबै जो मरन की हिम्मतौ करै। Viz kapitola |