रोमियों 3:13 - राना थारु नयाँ नियम13 बिनको मुँहुँ खुलो भओ गिन्धान बारो चिहान कता हए, काहेकी जो बात बे मस्कत हएं बे बात खराब हएं। बे अपने शब्दके इस्तमाल अपनो आदमीनके धोखा देनके ताहीं करत हएं; और जो कुछ बे कहात हएं, बो साँपको बिष कता बिनाशकारी होत हए। Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन13 उनके बोल चोट पहोंचान बारे कपट से भरे कबर हैं; बे अपनी जीभ से छल कपट करीं हैं, उनके ओंठन मैं साँपन को जहर है। Viz kapitola |