मत्ती 27:55 - राना थारु नयाँ नियम55 हुवाँ गालील परदेशसे आएभए बहुत बैयर फिर रहएं, बे दुरसे जा सब देखनडटि रहएं। बे येशूको सेवा-सत्कार करत गालील परदेशसे येशूके पिच्छुपिच्छु आइ रहएं। Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन55 हूँना निरी बईंय्यरैं दूर से देखत रहैं, जो गलील से ईसु को पीछा करी रहैं, और बाकी मदत करी रहैं। Viz kapitola |