मत्ती 20:28 - राना थारु नयाँ नियम28 जैसी आदमीको लौंणा फिर सेवा पानके नाए, पर सेवा करन और बहुतनको पापनके मोल तिरके छुटानके ताहीं मोलके रुपमे अपन प्राण देन आओ।” Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन28 तुमकै इंसान के लौड़ा के हानी होनो चाहिए, जो सेवा करान कै नाय सेवा करन और भौतन के छुड़ौती के ताहीं अपनी ज्यान देन कै आओ है।” Viz kapitola |