प्रेरित 28:6 - राना थारु नयाँ नियम6 हुवाँके आदमी “पावल थोरी देरमे बिषसे सुजके मरजाबैगो” कहिके देखत रहएं। पर बहुत समय पिच्छु फिर पावलके कुछु नाए भओ। जा देखके बिनको बिचार बदलिगओ और अचम्मो मानत बे कहीं, “जा त देवता हए।” Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन6 लेकिन बे असियात रहैं कि बौ सूज जागो, या अनकाचीति गिरकै मर जागो, लेकिन जब बे भौत देर तक देखत रहे और देखीं कि बाको कछु भी नाय भौ, तौ बे अपने मन कै बदल दईं और कहीं, “जौ तौ कोई प्रभु है!” Viz kapitola |