प्रेरित 27:34 - राना थारु नयाँ नियम34 अब तुमके मिर बिन्ती हए, कुछु-कुछु खाओ काहेकी बचनके ताहीं त खानए पणतहए। मत् डराबओ, काहेकी तुम मैसे कोइको फिर मुणको एक बार फिर नाश नाए होबैगो।” Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन34 जहे ताहीं मैं तुमसे नहोरे करथौं कि कछु खाए लियौ, जोसे तुमरी ज्यान बच जाए; काहैकि तुमरे मूड़ से एक बार भी न गिरैगो।” Viz kapitola |