रोमी 14:1 - दङ्गौरा थारू1 कमजोर विश्वास रहल मनैन प्रेम कैक स्वीकार करो, ओ वाकर विचारह दोष लगाक झग्गर कर्ना काम जिन करो। Viz kapitolaदेउखरिया थारु1 विश्वासमे कमजोर रहल मनैयाहे ओकर मान्यतक बारेमे कौनो फेन शंखा बिना कर्ले स्वीकार करो, और उहिहे का करे परत या का नै करे परत कहिके उहिसे बहस ना करो। Viz kapitola |