रोमी 1:14 - दङ्गौरा थारू14 काकरकि महीह सभ्य-असभ्य, पह्रल-नैपह्रल सबजहन खुशीक खबर सुनैना कर लागल बा। Viz kapitolaदेउखरिया थारु14 सभ्य जाति हुइँत या असभ्य जाति रहिँत, बुद्धिमान रहिँत या निर्बुद्धि, सक्कु जातिनहे खुशीक खबर सुनाइक लग मै ऋणी बतुँ। Viz kapitola |