फिलिप्पी 3:15 - दङ्गौरा थारू15 हम्र आत्मिक रूपले परिपक्व हुइल् मनै अस्तह विचार करपर्ठा। कुई-कुई फरक विचार कर्ठ कलसे परमेश्वर टुँहन बात बुझादेहीँ। Viz kapitolaदेउखरिया थारु15 तबेकमारे हमारमेसे जतरा जाने फेन विश्वासमे पक्का बती, हम्रे सक्कु जाने एक्के हस सोँची। और यदि कौनो बातमे तुहुरिन्के दोसुर विचार बा कलेसे परमेश्वर तुहुरिन्हे उ फेन फरछ्वार करादिहीँ। Viz kapitola |