मत्ती 25:30 - दङ्गौरा थारू30 यी बिनकामक नोरकह बाहर अन्धकारम फाँकदेओ। यी उहाँ दुःखले दाँत पिस्टी रुवाबासी कर्टिरही।” Viz kapitolaदेउखरिया थारु30 उ बिनाकामक नोकरहे भर नरकके अंधारमे फेँकादेऊ, जहाँ मनै रुइहीँ और कष्टमे दाँत किचकिचैहीँ।” Viz kapitola |