गलाती 5:22 - दङ्गौरा थारू22 तर पवित्र आत्मक फाराजुन: प्रेम कर्ना, आनन्दित हुइना, शान्तिम रना, धीरजी हुइना, दया कर्ना, भलाइ कर्ना, भरपर्दो हुइना, Viz kapitolaदेउखरिया थारु22 जब पवित्र आत्मा हम्रिहिन्हे अगुवाई करत कलेसे हम्रे एकदोसर जहनसे प्रेम कर्थी। खुशी रथी। शान्ति रहत। सँस्सा करे सेक्थी। दोसुर जहनहे दया देखैथी। दोसुर जहनके भलाई कर्थी। एकदोसर जहनकेमे भरोसा रहत। Viz kapitola |