गलाती 4:20 - दङ्गौरा थारू20 आबहेँ मै उहाँ रटुँ त मै असिक कह नैपर्नेरह। तर दूरसे मै का कर्ना? मै त अन्योलम परलबाटुँ। Viz kapitolaदेउखरिया थारु20 मै बहुत चहथुँ कि आब मै तुहुरिनेके संग रहुँ ताकि मै तुहुरिन्से नरम होके बात बत्वाई सेकुँ। काकरेकी मै बुझे नै सेकथुइतुँ कि मै तुहुरिन्हे का कहुँ। Viz kapitola |