१ कोरिन्थी 13:7 - दङ्गौरा थारू7 प्रेम सब बात सहठा, सब बात विश्वास कर्ठा, सब बातम आशा कर्ठा, सब बातम स्थिर रठा। Viz kapitolaदेउखरिया थारु7 यदि उ बात सम्भव नै हो कलेसे, “धैर्यतासे सक्कु बात स्वीकार करलेऊ।” प्रेम करुइया मनै हर परस्थितिमे परमेश्वरकेमे भरोसा कर्ले पलिरथाँ। ओइने हरदम आशावादी रथाँ, और सक्कु मेरिक समस्या और दुःखमे धिरजतामे पलिरथाँ। Viz kapitola |