प्रकाशितवाक्य 22:5 - सिरमौरी नौवाँ नियम5 तोबै कौलोंई रात ना हौन्दै, औरौ शहर कै लोगौ कै दिवे या सुरज कै पेयाशै कै जौरुरत ना हौंदै, जिथुकै पौरमेशवर आपी तिनु पांदी पेयाशो दैन्दा। औरौ जू लोग तिथै हौन्दै सै हमैशा कारिए राज कौरदै। Viz kapitolaSirmouri5 तेथै हजो कोद्दी भे रात्त ने पड़्दी; अरह् तिनके दीवे अरह् सुर्जो के भे कोद्दी जरूरत्त ने पड़्दी, किन्देंखे के प्रभू पंण्मिश्वर आपु तिनखे आप्णाँ त्तेज-प्रकाष देंदे, अरह् से तेथै ज़ूगौ-ज़ूगौ तोड़ी राज कर्दे। Viz kapitola |