प्रकाशितवाक्य 21:3 - सिरमौरी नौवाँ नियम3 तोबै मोऐं ऐक आवाज़ शौणै जू पौरमेशवर कै सिंहासन पौरैशै जोर शै आए, “दैख, ऐबै पौरमेशवर लोगौ मुंजी आपणा घोर बाणदा औरौ सै तिनकै साथै रौंदा, औरौ सै तैसकै लोग हौंदै, सै तिनु आपणै लोगौ कै रुप दै अपनांदा औरौ सै तिनकै साथै रौंदा, औरौ लोग बै तैसी आपणै पौरमेशवर कै रुप दै अपनाया कौरदै। Viz kapitolaSirmouri3 तबे मुँऐं सिंगाँस्हणों शी ऐक जुराल़ी गंम्बीर धाव ऐजो बुल्दे शुणीं, “देख, ऐजो असो, आदमी के बीच दो पंणपंण्मिश्वर का डेरा! अरह् ऐ तिनू मुँझी बास करदा, अरह् से तेस्की प्रजा हंदी; अरह् पंण्मिश्वर तिनू मुँझ़ी रंह्ऐयों आदमी के बीचो दा असो। से तिनकी गईलो डेरा करदा, अरह् से तिनके लोग हंदे, अरह् पंण्मिश्वर आपु तिनकी गईलो रंह्ऐयों, तिनके आप्णें पंण्मिश्वर हंदे। Viz kapitola |