प्रकाशितवाक्य 20:12 - सिरमौरी नौवाँ नियम12-13 औरौ मोऐं मौरेयौंदे लोगौ खै सिंहासन कै सामणै खौड़ै होयोंदै दैखै, यानी तिनुकै जू छौटे दर्जै औरौ बौड़ै दर्जै कै लोग औसौ। सैजै लोग जू समुन्द्र दै डुबेयो मौरे गौवै थिए, औरौ कब्रो दै कै सौबै मौरेयौंदे लोग, औरौ सैजै सौब लोग जू मौरेयौंदे कै ठाँव पांदी थिए, सैजै सौबै तैसी सिंहासन कै सामणै खौड़ै हुवे, सैजी किताब खोले गौए जिथमुंजी तिनु लोगौ कै नांव लैख राए थिए जिनुकैईं सैजा जीवन थिया जिथका कुणजाई अंत ना आथी। सैजै किताब बै खोले गौए जिथमुंजी लोगै जू-जू कौरे राए सैजौ लैख राए थियु, औरौ हर आदमीए जू किछै कौरे राए थियु तिथकै हिसाब शै तिनका न्याय कौरा गौआ, जू तिनु किताबो दो लैख राए थियु। Viz kapitolaSirmouri12 तबे मुँऐ छुटे, बड़े बादे मँरे अँदे सिंगाँस्हणों के सहाँम्णें खड़े देखे, अरह् कताबे खुली गई; अरह् तबे ऐक ऊकी कताब खुली गऐ, मतल्व जीवन के कताब; अरह् जेष्णों तिनू कताबे दो लिखों अंदो थियों, तेष्णों ही तिनके काँम-काज़ के मुँताबिक तिनू मँरे अँदे का नियाँव करा गुवा। Viz kapitola |