प्रकाशितवाक्य 18:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 तोबै मोऐं स्वर्ग शै ऐक शब्द हौजौ शुणा, “तुऐं, जू मुंआरी सौमबंध राखौ, तिथ शहर कै छोड़े दैव। तिथकै साथै मिलैयौ पाप ना कौरौ, ताकि तुऔं तिथकी साथै सौजा नी दी जांव।” Viz kapitolaSirmouri4 तबे मुँऐ स्वर्गो शी ऐक धाव शुँणी: “हे मेरी परजा के लोग, ईनू मुँझ्शे बाँईडे नीक्ल़ियों आओ, के तुँऐं भे ईनके पाप के साजी नें बंणों; जू कोद्दी ऐशो ने हंईयों के ईनकी ओब्ल़ी-बिब्त्ती तुँओं गाशी ने पड़ो। Viz kapitola |