प्रकाशितवाक्य 16:5 - सिरमौरी नौवाँ नियम5 औरौ मोऐं तैसी स्वर्गदूतौ खै जैसी सारै पाणी पांदी औधिकार औसौ, पौरमेशवर शै ऐजौ बौलदै शुणा, “ओए रै पवित्र पौरमेशवर, तू सैजाई औसौ जू सौमय कै शुरुआत शै लैयौ इबी तौड़ी औरौ हमैशा कारिए ना बौदलौ, ताखै ऐशैखै न्याय कौरणौ का औधिकार औसौ। Viz kapitolaSirmouri5 तबे मुँऐं बादे पाँणी के हाकम स्वर्गदूत्त ऐजो बुल्दे शुँणों: “हे पबित्र, जू असो, अरह् जू थिया, तू नीयाँईच़ू असो, अरह् तुँऐं ऐजा नियाँव करा। Viz kapitola |