प्रकाशितवाक्य 1:3 - सिरमौरी नौवाँ नियम3 पौरमेशवर हर तैसी आदमी खै आशीष दैंदा जू इनु हौणौवाल़ी बातौ खै ओकी खै पौढ़ेयौ शुणांव, औरौ सै हरेक तैसी आदमी खै आशीष दैंदा जू इनुखै शुणौए औरौ इनु मानौए। जिथुकै ऐजी बातौ तावल़ी ही हौंदी। Viz kapitolaSirmouri3 भाग्ईंत असो! सेजा जुण्जा ईयों बरंम्बाँणी पढ़ो ऐं, अरह् सेजे बादे लोग जुण्जे ईयों बरंम्बाँणीं शुँणों ऐ; अरह् ईन्दी लिखी अंदी बातो का पाल़्ण करह्, किन्देंखे के सेजा बंख्त्त नंजीक आऐ रूवा। Viz kapitola |