मत्ती 5:3 - सिरमौरी नौवाँ नियम3 “धन्य औसौ सैजै जू महसूस कौरौ कै तिनुकै पौरमेशवर कै जौरुरत औसौ, जिथुखै स्वर्ग का राज्य तिनका ही औसौ।” Viz kapitolaSirmouri3 भागोईत असो! सेजे जू मंन के शरीफ़ असो, किन्देखे के स्वर्गो को राज्य तिनही को असो। Viz kapitola |