मत्ती 5:13 - सिरमौरी नौवाँ नियम13 “तुऐं इयौं दुनिया कै लोगौ कारिए नूण कै जैशणै औसौ, पौरौ जै नुणौ का स्वाद बिगड़ै जांव, तौ तिथु कियों चीज़ौ लैई नुणाटौ कौरलै? तोबै सै किथुई कामको ना आथी, सिरफ इथकारिए कै बायरै फेरकाए जांव, औरौ सै आदमी कै लातो तौड़ी मांडे जांव। Viz kapitolaSirmouri13 “तुँऐं धर्ती को खारो असो; परह् जे खारे का सुवाद बिगड़ी ज़ावों, तअ तेथू कियों चींजो लई खरयाँल़ो बंणाँवो ज़ाँदो? परह् से तबे कोसी भे काँमों को ने रंह्दी, से सिर्फ ईन्दें ज़ूगौ हों, के तेथू ऊँदो फेरकाणों पड़ो; अरह् तेथू आदमी आप्णी लात्तों थाँई घींज़्णों खे पाँव। Viz kapitola |