मत्ती 27:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 औरौ बौल़ौ, “मोऐं निर्दोष आदमी खै मारणौ कारिए थोम्बाएबा पाप कौरे राए!” तिनुऐ बौल़ौ, “आमु इथकै बारै मुंजी किछै परवाह ना आथी? तू आपी इथकारिए जुमैवार औसौ।” Viz kapitolaSirmouri4 अरह् बुलो, “मुँऐ बै-कसूर मार्णो खे थंम्ब्ड़ाऐयों पाप करी थुवा!” तिन्ऐ बुलो, “आँमें कैई? तू ही जाँण।” Viz kapitola |