मत्ती 25:41 - सिरमौरी नौवाँ नियम41 तोबै सै डैरै ढौबौ खौड़ै हौणौवाल़ै कै बौलदा, ‘ओए रै शरापित लोगौ, मैरै सामणै शै तियौं सौदा कै आग दै हौटै जांव, जू शैतान औरौ तैसखै दुष्टआत्मा खै पौरमेशवरे तैयार कौरे राए। Viz kapitolaSirmouri41 “तबे राजा आप्णें डेरे ढबे के लोगों खे टाटी नाँऐयों बुल़्ला, ‘मुँह कैई शे दुर्के ज़ाव, श्रापित्त लोग! हमेशा के नंरक की आगी दे ज़ाव, जुण्जी शैतान अरह् तेस्के दूत्तों खे आगे ही तियार असो। Viz kapitola |