मत्ती 24:30 - सिरमौरी नौवाँ नियम30 तोबै मुं आदमी कै बैटै का निशान गौयण दा दैखिंदा औरौ तोबै धोरती कै सौबै जाति कै लोग छाती पीटदै, औरौ मुं आदमी कै बैटै खै अनौखी शौकतै औरौ महिमा कै साथै गौयणै कै बादल़ौ पांदी आन्दै दैखदै। Viz kapitolaSirmouri30 “तबे आदमी के बैटे के चींन-नीशाँणी अस्माँनों दी दे:खाई पड़ली, अरह् तबे धर्ती के सब कुल़ों के लोग छ़ाँतीं-हिकुड़े पिटले; अरह् आदमी का बैटा बड़ी शक्त्ति अरह् ठाट-बाट आरी अस्माँनों के बाद्ल़ो गाशी आँदे देख्ले। Viz kapitola |