प्रेरितो कै काम 5:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 का बिकणौ दै आगै सैजै जायदात तैरै ना थी? औरौ जोबै बैकै गौए तौ तिथका दाम का तैरै कब्जे दै ना थी? तैरै मनो दा ऐशणै बुरै काम का विचार कुकै दा ओऊवा? तुऐं आदमी कैई नी, पौरौ पौरमेशवर कैंई झूठु बौल़ै राए।” Viz kapitolaSirmouri4 कियों बीक्णों शी आगे सेजी जीम्मी तेरे आप्णी थी ने? अरह् जबे तुँऐं तियों जिम्मीं बिकी पाऐ, तअ कियों सेजो धंन तेरो थी ने? तअ तबे तुऐं ऐष्णें काँम कर्णों का बिचार ही कैई आप्णें मंन दा करा? के आदमी शो नें; परह् पंण्मिश्वर शो झूठों बुलू।” Viz kapitola |