प्रेरितो कै काम 28:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 जोबै तिथै कै रौणौवाल़ै लोगै शोंगोऊं खै तैसकै हाथौ पांदी लोटकेयोंदो दैखौ, तौ आपी मुंजी बौल़ौ, “सौथीखै ऐजा आदमी हथियारा औसौ, बैशक ऐजा आदमी समुन्द्रो पौरैशा बौचै गौआ, तौ बै ऐबै अमारै न्यांव कै देवीए ऐसी जियुंदी ना रौणौ दी।” Viz kapitolaSirmouri4 तबे तेथै तेसी टापू गाशी रंहणों वाल़े, लोग आपु मुँझी देखियों बुल्दे लागे, के सोत्तिखे “ऐजा कुँऐ जरूर पापी हंत्त्यारा आदमी असो; किन्देंखे के ऐ संमुँन्द्रो शा तअ बंची गुवा, परह् नियाँव कर्णों वाल़ी देबी ऐ ऐसी आदमी जीऊँदा ने रंहणों दिती।” Viz kapitola |