प्रेरितो कै काम 17:28 - सिरमौरी नौवाँ नियम28 जिथुकै पौरमेशवर आमु साथी औसौ ताकि आमै जियुंदी रौंऊ, औरौ हांडदै फिरदै, औरौ आमु बौचेयौंदे रोऊं, ठीक तैशैकैई जैशैकै तोंवारै कैतरै कविए बौल़ै राए, “आमुए तौ तैसकै वंश बै औसौ। Viz kapitolaSirmouri28 किन्देंखे के तिन्हीं दे ही आँमें जीऊँदें रंह्, अरह् चाल्दे-फिर्दे, अरह् अट्ल़ रंह्; अरह् जेष्णों ही तुवाँरे कंई कबिता लिख्णों वाल़े ऐ बुली थो, ‘के आँमें तिन्ही के ही बंष अलाद असो।’ Viz kapitola |