2 पतरस 1:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 इनु सौबी ठुँ लैई पौरमेशवरे आमु बैजाए महान औरौ अनौखै वरदान दैय राए जिथका तैणै वादा कौरे राए थिया। ताकि इनु वरदानो का इस्तैमाल कौरेयौ आमु दुनिया कै तिनु बुरी इछाओं शै बौचै सौकु जू लोगौ खै नाश कौरौ, औरौ पौरमेशवर कै स्वभाव दै ऐक हिस्सा हौए सौकु। Viz kapitolaSirmouri4 जिन्दे के जाँणें तिन्ऐ आँमों खे किम्त्ति बर्दांन देऐ थुऐ, जिनू देणों का तिन्ऐं बाय्दा करी थुवा थिया: जू तुँऐं तिनके जाँणें आपु खे पंण्मिश्वर के जैष्णें बंणी ज़ाँव, अरह् तेसी नाँष शे बंची ज़ाँव, जू लोगो की बुरी हिछ़ा के जाँणें ईयों संईसारी दे असो। Viz kapitola |