1 पतरस 5:1 - सिरमौरी नौवाँ नियम1 किछै ऐशणी बातौ जू हांव तिथै कै अगुवे शै बौलणा चोऊं जिथुकै हांव बै तोंवारै जैशणा ऐक अगुवा औसौ। मोऐं आपी तिनु दुखो कै दैख राए जू बैजाए सौमय आगै मसीहे सैय राए। जोबै सै औटेयौ पाछु आन्दा, तौ हांव बै तैसकै महिमा दा शामिल हौंदा। ऐबै हांव तुऔं कैईंदै बिन्ती कौरु: Viz kapitolaSirmouri1 तुँओं मुँझी जुण्जे ठग्ड़ै आदमी असो, हाँव, तिनू जैष्णा ठग्डा अरह् मसीया के दु:खों का गुवाह्-शाज़्त अरह् पर्गट हंणों वाल़ी बड़ियाऐं दा साजी हऐयों तिनू ऐशे सम्झाऊँ Viz kapitola |