10 तिनकी आँ:खी झाँमरियों जू आगु ने दे:खियों, अरह् तू सदा तिनकी पीठ नाऐंयों थुऐं।”
10 तिनकै मन दो बै इनारौ हौए जांव ताकि सै सच कै ना सौमझौ, औरौ सै हमैशा बोझ औरौ पौरैशानी दै रौंव।”