प्रकाशितवाक्य 3:18 - Sirmouri18 ईन्देंखे हाँव ताँव्खे मंत्त-शीख देऊँ, के आगी दो भाड़ो अंदों सुन्नों मुँह कैई शो मोंले लो, के तू धनी-सैठ बंणी ज़ाऐ, अरह् चीट्टे खोट्णों करह् के बाँम्बियों ताँव आप्णें नाँगे-पंण की शर्मिंन्दगी ने हों, अरह् आप्णी आखी दा लाँणों वाल़ा शुरमा करह् के तेरे आगू देखिलो। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम18 इथकारिए हांव ताखै चैतावणी दियु कै ताखै मुं कैईंदु शुध्द सूनु खरीदणो चैंई ताकि तू सौथीखै सैठ बौणै सौकै। ताखै मुंकैई आपणै बाम्बणौ कारिए चिटै लुस्कै बै खौरीदणै चैंई ताकि तैरा शोरीर ढौकैयौंदा रौंव औरौ तू शर्मिंदा ना हौए। औरौ ताखै आपणी आखो का इलाज कौराणौ कारिए मुं कैईंदै दवाई बै खौरीदणी चैंई ताकि तू दैख सौकै। Viz kapitola |