प्रकाशितवाक्य 21:20 - Sirmouri20 पाँचवीं गोमेदक की, छठवीं माँणिक्य की, सात्तवीं पीतमंणि की, आठ्वीं पेरोज की, नऊँवीं पुखराज की, दषवीं लहसनिंए की, गियाँरवी धूम्रकान्त की, अरह् बारह्वीं नील्म की थी। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम20 पाँचवें गोमेदक कै, छौटे माणिक्य कै, सातवें पीतमणि कै, आठवें पेरोज कै, नोऐं पुखराज कै, देशवीं लहसनिऐ कै, ग्यारवीं धुम्रकान्त कै, बारहवीं याकूत कै थी। Viz kapitola |