प्रकाशितवाक्य 21:15 - Sirmouri15 जेने स्वर्गदूत्ते ऐ मुँह आरी बातो लाऐ लंई थी, तेस कैई नंगर, अरह् तिन्दें के कुवाड़ अरह् तिन्दे नाँप्णों का ऐक गंज्ह मंतल्व ऐक सुन्नें का बंष्याठा जिया थिया। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम15 सैजा स्वर्गदूत जैणै मुंआरी बात कौरे, तैसीकैईं नगर औरौ तिथकै फाटको औरौ तिथकी शहरपनाह खै नापणौ कारिए ऐक सूनै कै छड़ी दैय गौए। Viz kapitola |