प्रकाशितवाक्य 2:5 - Sirmouri5 ईन्देंखे चींत्ते करह् के तू केथै शा रिड़ी रूआ, अरह् आप्णा मंन बदल़, अरह् आगले जिऐ काँम-काज़ करह्। जे तू आप्णाँ मंन ने बद्ल़े, तअ हाँव ताँव कैई आऐयों तेरा दिय्ट तेसी जागे शा आगु गाड़ी देऊँबा। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम5 इथकारिए याद कौर कै तू शुरुआत शै मुंआरी कैशणा प्यार कौरे थिया औरौ ऐबै तू मुखै तैशैखैई प्यार ना कौरे। इयौं बात शै पाप कौरणै छोड़े दै औरौ मुंआरी तैशैखैई प्यार कौरणा शुरु कौर जैशै तू शुरुआत शै कौरे थिया। जै तू ना बौदला तौ हांव तैरै धोरे आन्दा औरौ जिथै तैरै दिवट राखै राए तिनु तिथैदै हटाए दैंदा। Viz kapitola |