प्रकाशितवाक्य 2:18 - Sirmouri18 “थुआतीरा नंगर की कलीसिया के दूत्त खे ऐजो लिख: “पंण्मिश्वर का बैटा जिनकी आँखी भभ्कदी आगी के लहयारे जेष्णी, अरह् जेस्के लात्त आछे पीतलो के जैष्णें असो; से ऐजो बुलो के, Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम18 थुआतीरा शहर कै कलीसिया कै स्वर्गदूत कै ऐजौ लिख: “पौरमेशवर कै बैटै कै ढौबौशा ऐजा सौंदेश औसौ जैसकी आखी आगी कै लोपटो कै जैशणी चौमकै रोए थी औरौ जैसकै लात पीतलो कै जैशणै चौमकै रौए, जू तैज गरम आगी दै चौमकौ; हांव ताखै ऐजौ बुलू: Viz kapitola |