प्रकाशितवाक्य 19:15 - Sirmouri15 जात्ती-जात्ती मार्णो खे तिनके मुँह ज़ात्ती शी ऐक पुईनी तरवार नींक्ल़ो। से लोहे के मुँगरे लई तिनू गाशी राज कर्दे, अरह् सर्ब-शक्त्तिमाँन पंण्मिश्वर के डराव्णें रोष की सूर के कुँड दे दाख्ह-अंगूरह् घींजला। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम15 तैसकै मुँह पौरैशै ऐक तैज तलवार निकल़ै जिथलैई सै देशो कै हराए दैन्दा। जू कुणिए बै तैसकै औधिकार कै अपनांव ना सै तिनु पूरी तरह शै सौजा दैन्दा। सै सौबिदा बौड़ा शौकतीशाली पौरमेशवर कै खतरनाक प्रकोप कै तैशैखैई छोड़ दैन्दा, जैशैकै ऐक रसकुण्ड शै अंगूरो का रस बौंए। Viz kapitola |