प्रकाशितवाक्य 11:11 - Sirmouri11 साढ़े च़ींन देसो बित्त्णों गाशी, पंण्मिश्वर की ढबे शी जीवन की साँस तिन्दी बऐठी गऐ, अरह् तिनू जीवन के साँस शे भरे गुवे, से आप्णें लातो के सहारे खह्ड़े हऐ, अरह् तिनके देख्णों वाल़े बैजाऐ डरी गुऐ। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम11 पौरौ साढ़े तीन दूसौ कै बाद पौरमेशवरे तिनुदै आपणै साँस पाए औरौ सै जियुंदी हौए गौवै; औरौ सै खौड़ै हौए गौवै, औरौ सैजै सौबै जिनुवै दैखौ कै सै ऐबै औटेयौ जियुंदी थिए, बैजाए घबराए गौवै। Viz kapitola |