प्रकाशितवाक्य 1:8 - Sirmouri8 प्रभू पंण्मिश्वर, जुण्जे असो ऐ, अरह् जुण्जे सदा थिऐ, अरह् जुण्जे आँणों वाल़े असो, से सर्वशक्त्तिमाँन, प्रभू पंण्मिश्वर का बचन असो: से “अल्फ़ा, अरह् ओमेगा, हाँव ही असो” Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम8 पिता पौरमेशवर बौल़ौ, “हांव अल्फा औरौ ओमेगा औसौ, यानी कै, शुरुआत औरौ अंत औसौ। हांव ही औसौ जू औसौए, जू थिया, औरौ जू आणौवाल़ा औसौ, हांव सौबिदा बौड़ा शौकतीशाली औसौ।” Viz kapitola |