47 जबे रात्त पढ़ी, तअ नाँव झीलों के बिचो दे थी, अरह् प्रभू ऐक्ली धर्ती की ज़ूब्ड़ी दे थिऐ।
47 जोबै फिरै कै वकतौ किश्ती गलील समुन्द्र कै बीचो दै थी, औरौ यीशु इकली किनारे पांदी थिया।